भारत के PM Narendra Modi सिख किसानो को रिझाने के लिए आज सुबह रकाबगंज गुरु द्वारे पहुंचे. नरेन्द्र मोदी ने अपने twitter हेंडल पर रकाबगंज की फोटोज share की. किसानों के चल रहे आन्दोलन के बीच मोदी का गुरुद्वरा पहुंचना एक राजनितिक कदम मन जा रहा है.किसानों के प्रति झुकाव दिखाने की Narendra Modi हर संभव कोशिश कर रहे. पिछले दिनों गुजरात के कच्छ में किसानों से मिल कर कोशिश की थी. अपने हर भाषण में किसानो के हित को सोच कर कानून लाने की बात करते है. पर इस बार किसान मोदी की लोकलुभावनी बातें सुनने को तैयार नहीं है. इतने दिनों से किसान दिल्ली बॉर्डर पर आन्दोलन कर रहे हैं. वे बिल वापसी पर अड़े हुए हैं.

नरेन्द्र मोदी ने अपने twitter पर लिखा कि “आज सुबह मुझे ऐतिहासिक गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में मत्था टेकने का सौभाग्य मिला, जहां श्री गुरु तेग बहादुर जी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया था। दुनियाभर के लाखों लोगों की तरह श्री गुरु तेग बहादुर जी के विचार और जीवन मुझे सदैव प्रेरित करते हैं।”

उन्होंने आगे लिखा कि “गुरु साहिब की यह विशेष कृपा है कि हमारी सरकार के कार्यकाल के दौरान ही हमें श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व को मनाने का अवसर मिल रहा है। आइए, इस पावन मौके को ऐतिहासिक बनाएं और श्री गुरु तेग बहादुर जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं।”
Narendra Modi को किसानों का खुला पत्र
प्रदानमंत्री ने ना केवल रकाबगंज गुरुद्वारा में दर्शन किये बल्कि पंजाब के किसानों को रिझाने के लिए पंजाबी भाषा में भी twitter पर पोस्ट की. उधर केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के नाकों पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 25वें दिन भी जारी है. प्रदर्शनकारी किसान कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं. किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को एक संयुक्त खुला पत्र लिखा है जिसमें किसानों ने विपक्ष के गुमराह करने के आरोपों को लेकर नाराजगी जताई है. ये खत प्रधानमंत्री के आरोपों और कृषि मंत्री की चिट्ठी के जवाब में है.
