दिल्ली
Farmers protest : 14 दिन से चल रहे किसान आन्दोलन में नया मोड़ आता दिख रहा है. किसान नेता Rakesh Tikait ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि Amit Shah जी आये थे. उनसे बात सकारात्मक रही है. अब उम्मीद है बहुत जल्दी ही कोई समाधान निकल जायेगा.
किसान नेता ने कहा कि किसान पुरे बिल की वापसी चाहते हैं . सरकार से बातचीत के आधार पर लगता है कि वह संसोधन करने को तैयार है . कल सरकार की तरफ से एक ड्राफ्ट मिलेगा . उसको सब देखेंगे, चर्चा करेंगे फिर कोई समाधान की सोचेंगे. राकेश टिकैत के इस बयान के साथ ही राजनितिक गलियारों में चर्चा का दौर प्रारंभ हो गया है. कुछ राजनितिक पार्टियों में बिल संसोधन को अपनी जीत बताया जा रहा है . जो राजनीति के मंजे हुए खिलाडी है वे भाजपा के इस कदम को राजनितिक चाल मान रहे हैं. सबका मानना है नरेन्द्र मोदी कब कौनसी चल दे पता ही चलेगा. इसलिए विपक्ष पूरी सजगता के साथ चल रही है.
विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने संसोधन लिखित प्रारूप किसान नेताओं तक भेज दिया है. मोदी सरकार की केबिनेट बैठक में मंथन चला और संसोधन का फैसला लिया गया. वैसे किसान आन्दोलन की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार अभी तक किसान अड़े है तीनों बिल वापिस लेने पर . सरकार कुछ छुट देने की बात कर रही है. अब देखा जा रहा है कि कहाँ तक सहमती बनती है.
सरकार ने दिया 20 पन्नो का लिखित प्रस्ताव : Farmers Protest
सरकार ने केबिनेट मीटिंग के बाद दोपहर 2:30 बजे Farmers Protest पर बैठे किसान नेताओं को 20 पन्नो का प्रस्ताव भेजा. सरकार की तरफ से प्रस्ताव सुबह 11 बजे बजे तक जाना था पर केबिनेट मीटिंग की देरी से प्रस्ताव दोपहर तक पहुँच पाया . मोदी सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में MSP, APMC आदि विषयों पर संसोधन की बात लिखत में देने का आश्वासन दिया गया है. सरकार की तरफ से कहा गया है कि पूंजीपतियों द्वारा उनकी जमीनों को हडपने का प्रयास नहीं किया जा सकेगा. विवाद की स्थति में सिविल कोर्ट का विकल्प दिया जा सकेगा . किसानो द्वारा निजी मंडियों के चगुल में फंसने की चिंता जताए जाने के सन्दर्भ में सरकार ने कहा कि मंदी में बेचने और MSP प्रावधान पहले जैसा रहेगा.
दिए गए लिखित प्रस्ताव में सरकार ने पराली और बिजली अध्यादेश वापिस लेने की तैयारी दिखाई है. मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्ताव में यह भी विश्वास दिलाया है कि किसानो पर दर्ज FIR वापिस ली जाएगी.
विपक्ष राष्ट्रपति से करेगा चर्चा
विपक्ष किसान आन्दोलन को अपने पक्ष में भुन्नाने की पूरी कोशिश कर रहा है. राजनीतक पार्टियाँ खुल कर किसानो का सपोर्ट कर रही है. किसानो की हमदर्दी बनने के लिए विपक्ष ने राष्ट्रपति से मिलने का समय माँगा है. राष्ट्रपति से मिलकर विपक्ष बिल वापिस लेने का दवाब बनाने की रणनीति बना रहा है.
