केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन सिंह ने कोरोना वैक्सीन फ्री में मिलने की बात पर सफाई दी है. कुछ मीडिया हॉउस द्वारा सभी लोगों को फ्री में दिए जाने की news चलाई जा रही थी. उस न्यूज़ में डॉ हर्षवर्धन सिंह द्वारा नये साल पर तोहफा दिए जाने की बात की जा रही थी. इन खबरों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने ट्विटर पर पोस्ट में कहा कि सरकार पहले फेज में 3 करोड़ कोरोना वोरियर को वैक्सीन फ्री में देगी. कोरोना वोरियर में 1 करोड़ हेल्थ केयर वर्कर्स और 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स है. फ्रंटलाइन वर्कर्स में पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी और सेना के लोग शामिल हैं.
वैक्सीनेशन ड्राइव का जाएजा लेने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री से किसी मीडिया कर्मी ने सवाल किया था कि दिल्ली में वैक्सीन फ्री में मिलेगी वैसे पुरे देश को भी फ्री में मिलेगी क्या ? इसके जवाब में डॉ हर्षवर्धन सिंह ने चलते चलते ही कहा था केवल दिल्ली ही नही पुरे देश में फ्री मिलेगी. इस जवाब को सनसनी पाने के लिए कुछ मीडिया वालों ने न्यूज़ को मसालेदार बना दिया था.
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने देश में 30 करोड़ लोगों को सबसे पहले कोरोना की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) देने का लक्ष्य रखा है. जिन 30 करोड़ लोगों को पहले वैक्सीन दी जाएगी, इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने लिस्ट तैयार की है. 3 करोड़ वोरियर के आलावा 26 करोड़ ऐसे लोग हैं, जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है. इसके अलावा 1 करोड़ ऐसे लोगों को कोरोना वैक्सीन देते समय प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी उम्र 50 से कम है लेकिन उन्हें गंभीर बीमारी है.
दिल्ली में मिलेगी फ्री

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि दिल्ली के लोगों को वैक्सीन नि:शुल्क दी जाएगी. कोविड टीकाकरण केंद्रों को अस्पतालों से जोड़ा जाएगा. टीका लगाने के बाद लोगों को आधे घंटे तक निगरानी में रखा जाएगा. जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने अब तक एक दिन में एक लाख लोगों के टीकाकरण की तैयारियां कर ली हैं.
इस क्रम से लगेगी कोरोना वैक्सीन
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पहले निजी और सरकारी अस्पतालों के स्वास्थ्यकर्मियों को टीका दिया जाएगा. इसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका दिया जाएगा. इसके बाद 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना का टीका दिया जाएगा, फिर नंबर आएगा वैसे लोगों का जिनकी उम्र 50 साल से कम है, लेकिन वे किसी बीमारी के शिकार हैं.
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज पूरी प्रक्रिया वास्तविक वैक्सीनेशन ड्राइव जैसी है, सिर्फ लोगों को ओरिजनल वैक्सीन नहीं दी जा रही है. उन्होंने कहा कि अगर वैक्सीन देने के बाद कुछ विपरित प्रभाव लोगों पर पड़ता है तो स्वास्थ्य मंत्रालय इसके लिए भी जरूरी तैयारियां कर रहा है.
