धर्म - कर्म

भक्तामर अनुष्ठान का कल होगा अनूठा व भव्य आयोजन

जैन मुनि करेंगे भक्तामर अनुष्ठान

आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुशिष्य तपस्वी मुनिश्री भूपेन्द्र  कुमार जी के सानिध्य में पीलीबंगा  की धरती पर पहली बार अनूठे रूप से चमत्कारी एवं प्रभावशाली भक्तामर स्तोत्र के 48 श्लोकों के रिद्धि सिद्धि मंत्र व यंत्र का विधिवत उच्चारण के साथ भव्य अनुष्ठान का आयोजन होगा. जैन-भवन, महावीर पार्क  पीलीबंगा में प्रातः 9:00 बजे से 10:00 बजे तक आयोजित होने वाले भक्तामर अनुष्ठान में जैन मुनि भूपेंद्र कुमार जी खुद मंत्रोचार करेंगे. ज्ञातव्य है कि मुनिश्री भूपेन्द्र  कुमार जी एक उच्च कोटि के साधक संत हैं पिछले 18 वर्षों से  वर्षी तप कर रहे हैं। इस तरह के सैकड़ों अनुष्ठान आप संपन्न करवा चुके हैं।

वर्तमान में अनुष्ठान की उपयोगिता पर मुनिश्री ने बताया कि भगवान ऋषभ की स्तुति आचार्य मानतुंग ने इस स्तोत्र में की। इस स्तोत्र के प्रभाव से आधी-व्याधि-उपाधि का निवारण होता है। अनेकानेक विशिष्ट ऊर्जाओं से संपन्न प्रत्येक श्लोक से व्यक्ति के जीवन उपयोगी कल्याणकारी प्रभाव घटित होता है। उन्होंने बताया कि जैन समाज में हजारों श्रावक-श्राविकाऐं हैं जो इसका नित्य पाठ करते हैं, व आज के इस वैज्ञानिक युग में भी प्रबुद्ध एवं चिंतनशील व्यक्ति इस शोध के द्वारा शारीरिक मानसिक एवं भावनात्मक लाभ उठा रहे हैं।
जैन मुनि के अनुसार यंत्र एवं मंत्र का समावेश होने से यह अनुष्ठान और अधिक प्रभावशाली बनता है। नवरात्रि के दिनों में इस मंत्र यंत्र की आराधना करने वाला साधक अपने आप में सकारात्मक ऊर्जा आत्मबल व पवित्र आभामंडल से संपन्न बनता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां जहाँ कोरोना से कुछ  परेशानी उत्पन्न हुई एवं सतर्क रहने की आवश्यकता है। ऐसे में मंत्रों के प्रभाव का विज्ञान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। पौराणिक काल से ही भारतीय परम्परा में मंत्रों का महत्व रहा है। इस अलौकिक भक्तामर जप महा-अनुष्ठान में कोई भी व्यक्ति अकेला अथवा जोड़े से (जैसे कि पति-पत्नी, भाई-बहन, भाई-भाई, पिता-पुत्र/पुत्री या माता-पुत्र/पुत्री) भाग ले सकता है।

श्रावक समाज ने बताया भक्तामर अनुष्ठान को दुर्लभ अवसर

जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, पीलीबंगा द्वारा आयोजित इस भक्तामर अनुष्ठान को जैन समाज के श्रदालुओं ने दुर्लभ अवसर माना है. उनका मानना है कि ऐसे साधक संतों के सानिध्य में अनुष्ठान का होना व इसमें संभागी बनने का दुर्लभ सुंदर शुभ अवसर प्राप्त करने का सौभाग्य पीलीबंगा  श्रावक समाज को मिल रहा है। ऐसे मौके बहुत ही दुर्लभ होते हैं।

Spread the love

Leave a Reply