सर्दी का मोसम है. रजाई में बैठे बैठे गर्मागर्म खाने को मिल जाये तो पता ही नही चलता कितना खाना है. खाते चले जाते हैं. जब वजन बढता है या पेट की बीमारियाँ सामने आती है तब आँखें खुलती है. तब सोचते है कुछ healthy खाते तो अच्छा रहता. हम आज ऐसे ही एक भोजन के बारे में बात करेंगे जो सुपाच्य है. आपके स्वास्थ्य को बढ़ाने वाला है. अनेक बिमारियों का नाशक है. जिसके ज्यादा खाने से वजन बढ़ने की समस्या भी नही रहेगी. उस भोजन का नाम है गाजर. गाजर लाल, काली, नारंगी, कई रंगों में मिलती है। यह पौधे की मूल (जड़) होती है।
आम तौर पर गाजर का उपयोग एक सब्जी के रूप में किया जाता है. वैसे गाजर अपने आप में पूरा भोजन है. यह पूरा भोजन कैसे है और इसके क्या उपयोग है इसकी हम चर्चा करेंगे. यह स्वास्थ्य वर्धक कैसे इसको समझतें हैं.
कुछ सब्जियां जमीन के नीचे उगती हैं लेकिन उनकी पत्तियां जमीन की सतह के ऊपर रहती हैं। बताया जाता है कि इन सब्जियों में ऊर्जा का प्रवाह ऊपर से नीचे की ओर होता है। इन्हें खाने से हमारे पाचन संस्थान को ऊर्जा मिलती है। ऐसी सब्जियों में गाजर प्रमुख है.
जमीकंद कही जाने वाली गाजर के रस का एक गिलास पूर्ण भोजन है। इसके सेवन से रक्त में वृद्धि होती है। मधुमेह आदि को छोड़कर गाजर प्रायः हरेक रोग में सेवन की जा सकती है। इसके रस में विटामिन ‘ए’,’बी’, ‘सी’, ‘डी’,’ई’, ‘जी’, और ‘के’ मिलते हैं। जूस पीने या कच्ची गाजर खाने से कब्ज की परेशानी खत्म हो जाती है। यह पीलिया की प्राकृतिक औषधि है। इसका सेवन ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) और पेट के कैंसर में भी लाभदायक है। इसके सेवन से कोषों और धमनियों को संजीवन मिलता है।
इसमें बिटा-केरोटिन नामक औषधीय तत्व होता है, जो कैंसर पर नियंत्रण करने में उपयोगी है। इसके सेवन से इम्यूनिटी सिस्टम तो मजबूत होता ही है साथ ही आँखों की रोशनी भी बढ़ती है. गाजर के सेवन से शरीर को उर्जा मिलती हे। गाजर यह अंबेलिफर कुटुंब की अपियासी की द्विवार्षिक वनस्पती है। शुरू में टॅप्रूट बढ़ते समय पत्ते फुटते है और वह बढ़ते हैं। जड में अल्फा और बीटा कॅरोटीन का प्रमाण अधिक होता है। और वह व्हिटॅमिन के और व्हिटॅमिन बी 6 का अच्छा स्रोत है। नियमितरूप से गाजर खाने से जठर में होने वाला अल्सर और पचन के विकार दूर कर सकते हैं। गाजर में आम्ल घटक होते हैं जो शरीर में मौजूद आम्ल का प्रमाण संतुलित करके रक्त शुद्ध करता है।
गाजर में पोटॅॅशियम होता है जो रक्तदाब बढ़ाने में मदत करता है। इसके सेवन से मुह में हानिकारक किटाणूओ का नाश होता है और दात में लगने वाला कीडा नही लगता है। जले ठिकाने पर लगाने से तकलीफ कम होती है. इसमें कॅरोटीनॉड्स होते है, जो शरीर में मौजूद रक्त की शक्कर नियंत्रित रखने में मदद करती है। नियमीत रूप से इसको खाने से बाल मजबूत और घंने होते हैं. आँखों की रोशनी बढती है और त्वचा में निखार आता है।
इसके गुणों को हम कुछ बिन्दुओं में दोहराने का प्रयास करेंगे –
1. हार्ट को रखे सेहतमंद-
गाजर खाने से आपका दिल सेहतमंद रहता है। गाजर में पाए जाने वाले बीटा-कैरोटीन, अल्फा-कैरोटीन और लुटेइन जैसे एंटीऑक्सीडेंट कोलेस्ट्रोल लेवल को कंट्रोल रखता है। जिसके चलते हार्ट अटैक का खतरा बहुत कम हो जाता है।
2. कमजोरी दूर करे-
उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर कमजोर होने लगता है। गाजर के सेवन करने से शरीर के रोग दूर हो जाते हैं और कमजोरी नहीं होती है। जूस पीने से खून की मात्रा में बढ़ोतरी होती है।
3. पाचन तंत्र करे मजबूत-
इसका का जूस पीने से पाचन तन्त्र मजबूत होता है। इससे आप कई बीमारियों से दूर रहते हैं और स्वस्थ रहते हैं। इसके अलावा कोई लंबी बीमारी के बाद ठीक हुआ है तो उसके शरीर में विटामिन की कमी हो जाती है। इसके लिए जूस पीना बहुत फायदेमंद साबित होता है।
4. कैंसर में असरकारक-
कच्ची गाजर चबाकर खाना चाहिए। इसकी पत्तियों में मूल जड़ से छह गुना अधिक आयरन होता है। इसके अलावा गाजर के बीच में सख्त लकड़ी जैसी होती है. इसमें बीटा-कैरोटिन नामक औषधीय तत्व होने से यह कैंसर नियंत्रण करने में असरकारक है।
गाजर का सेवन करने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को घटने या बढ़ने नहीं देता। इसके अलावा यह कई रोगों में रामबाण का काम करता है। गाजर खाने से पीलिया, गाठिया, अपच जैसी कई समस्याओं में फायदा मिलता है।
महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान गाजर का जूस जरूर पीना चाहिए। यह उनकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसमें मौजूद कैल्शियम के गुण भ्रूण के विकास में सहायक होते हैं।
7. स्किन को रखे साफ-
गाजर का जूस पीने से स्किन तो साफ रहती है और चेहरे पर चमक आती है। बता दें कि इसके छिलके में खूब न्यूट्रिशन पाया जाता है, इसलिए बिना छिलके उतारे भी खा सकते हैं।
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