Tathastu News के पाठको के लिए एक BIG NEWS लेकर आएं हैं. यह खबर है उस चीन की जिसकी वजह से कोरोना जैसी महामारी पूरे विश्व में फैली. यह आप लोगों के लिए खुशी की बात होगी कि चीन इस समय भारी खाद्यान की समस्या से जूझ रहा है. यह संकट इतना भारी है कि उसे ओपरेशन एम्प्टी प्लेट चलाना पड़ रहा है. चीन दावा कर रहा है कि यह ऑपरेशन खाने की बर्बादी रोकने के लिए है, लेकिन हकीकत यह है कि वह भीषण खाद्यान संकट से गुजर रहा है. इस संकट से बहार आने के लिए वह दूसरे देशों में पट्टे पर खेती के लिए जमीनें खरीद रहा है. ड्रैगन का कहना है कि इस फैसले से चीन के लोगों में अनाज को लेकर जागरूकता आएगी.
चीन द्वारा चलाये जा रहे ओपरेशन में प्लेट में झूठा छोड़ने वाले पर एक लाख का जुर्माना लगाया जाता है. वैसे आपको बता दें कि भारत की विरासत में प्राप्त जैन धर्म को मानने वालें लोग झूठा ना छोड़ने का अभियान पहले से ही चला रहे हैं. उनके द्वारा यह अभियान अंहिसा की दृष्टि से चलाया जाता है. लेकिन चीन के द्वारा यह अभियान खाद्यान संकट से बचने के लिए चलाया जा रहा है. भारत की समृद्ध संस्कृति में जो संस्कार रूप में सिखाया जाता है उसे दुसरे देश समस्याओं से निज़ात पाने के लिए प्रयोग में ले रहे हैं.
एक प्रश्न आप लोगो के दिमाग में आ रहा होगा कि चीन को खाद्यान संकट का सामना क्यों करना पड़ रहा है. सीधा सा उत्तर है कि चीन विश्व की नंबर एक अर्थ व्यवस्था बनना चाहता है. इसके लिया वहां के राष्ट्रपति जिनपिग ने कुछ नीतियाँ बनाई है. उन नीतियों की वजह से चीन पर यह भारी संकट आया है. वैसे चीन सरकार द्वारा अपने अभियान को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि नागरिको को अनाज का महत्त्व समझाना जरुरी है. पर सत्य यह है कि खेती की जमीनों पर बड़े बड़े कारखाने लगाने से खाद्यान संकट से जूझने को मजबूर है. इसी कारण भारी जुर्माने से बर्बादी रोकने पर काम कर रहा है.
जिनपिंग द्वारा जिन नीतियों पर काम किया जा रहा है उसमे खेती को प्रमुखता नही दी गई है. इसीकारण खाद्यान का संकट आ गया है. पर खेती की जमीन पर बड़े बड़े जो कारखाने खोले जा रहे है और उनमे जो काम हो रहा है उससे चीन कुछ ही वर्षो में अमेरिका पछाड़ देगा. यह ज्ञातव्य है की कोरोना काल में विश्व की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है वहीं चीन के 28 नये लोग पूंजीपतियों में विश्व स्तर पर शामिल हुए हैं. यह सारे लोग मेडिकल लाइन में बढ़ी मांग के कारण हजारो करोड़ के मालिक बन गए हैं. भारत के 4 लोग भी करोड़पतियों की इस लिस्ट में शामिल हुए हैं. पर चीन का जो रेसियो है उसको देखते हुए यह कहा जा सकता है कि चीन बड़े पैमाने पर काम कर रहा है.
कुछ मीडिया रिपोर्ट में तो यहाँ तक दावा किया गया है कि चीन अगले 8 सालो में चमत्कारिक रूप अर्थव्यवस्था का सर्वेसर्वा बन जायेगा. उन रिपोर्टो में कोरोना को चीन की ठोस जमीन तैयार करने का बड़ा हथियार बताया गया है.
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